<p style="text-align: justify;"><strong>नयी दिल्लीः</strong> म ने कहा कि दूरसंचार उद्योग ने उनकी जो 'उचित आलोचना' की वह उन्हें स्वीकार है लेकिन बिना किसी सबूत के लगाये गये पक्षपात के आरोप उन्हें परेशान करते हैं. इससे संस्थान की गरिमा भी कम होती है.</p> <p style="text-align: justify;">शर्मा नौ अगस्त को ट्राई प्रमुख के पद से रिटयर हो रहे हैं. एक इंटरव्यू में शर्मा ने दूरसंचार उद्योग से जुड़े विभिन्न मूद्दों पर तो बातचीत की लेकिन पिछले हफ्ते आधार संख्या को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के विवाद पर उन्होंने चुप्पी साधे रखी.</p> <p style="text-align: justify;">बीते शनिवार को शर्मा ने अपनी आधार संख्या जारी कर हैकरों को उन्हें नुकसान पहुंचाने की चुनौती दी थी. इसके बाद कई लोगों ने उनसे जुड़ी जानकारियां साझा की और कईयों ने उन्हें ट्रोल किया. हालांकि, शर्मा कहते हैं कि वे इस विवाद में खुद को एक 'विजेता' के तौर पर देखते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">उनके कुछ फैसलों को लेकर दूरसंचार उद्योग की तरफ से की गई 'उचित आलोचना' को वह अपनी तरक्की के तौर पर देखते हैं.गौरतलब है कि दूसरे नेटवर्क पर कॉल जुड़ने की दर में कमी, पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट की संख्या, नयी कंपनी जियो के मुफ्त कॉल की शुरुआती पेशकश को अनुमति देने और बाजार बिगाड़ू मूल्य निर्धारण नियम से जुड़े अपने फैसलों को लेकर शर्मा को दूरसंचार उद्योग की काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था.</p> <p style="text-align: justify;">शर्मा ने कहा, "पक्षपात का निराधार आरोप लगाना अच्छी बात नहीं है. हां उचित आलोचना सही है, लेकिन पक्षपाती होने के बेसिरपैर के आरोप सही नहीं है." उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को नियामक के निर्णय सही नहीं लगते हैं तो वह कानूनी रास्ता अपना सकता है. इसलिए उनका मानना है कि आलोचना करने और आरोप लगाकर उसे प्रचार का मुद्दा बनाने से बेहतर है कि सही कानूनी मंच पर अपनी बात रखी जाए. कई पक्ष बहुत से मसलों पर अपनी चिंताओं को लेकर अदालत गए और अदालत ने उन पर अपना फैसला दिया.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि ग्राहक हित के प्रति ट्राई के ज्यादा दृढ़ रहने का यह मतलब कतई नहीं कि वह उद्योग के खिलाफ काम कर रहा है. संस्थान एक ढांचे के तहत काम करता है और हम उसे बहुत ज्यादा खींच नहीं सकते.</p> <p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि इस महीने की शुरूआत में दूरसंचार कंपनियों के संगठन सीओएआई ने मौजूदा दूरसंचार नियामक से नाराजगी जताते हुए कहा था कि नया ट्राई प्रमुख और नियामक ऐसा होना चाहिये जो अपने अधिकार क्षेत्र और सीमाओं को समझता हो. उन्हें उद्योग और ग्राहक कल्याण के बीच संतुलन रखना चाहिये.</p>
from home https://ift.tt/2Aw6nqm
from home https://ift.tt/2Aw6nqm
ट्राई चेयरमैन के आधार में हैकरों ने लगाई सेंध, लेकिन शर्मा खुद को विजेता समझते हैं
Reviewed by Unknown
on
August 01, 2018
Rating:
No comments: