केरल के बाढ़ की आसमान से निगरानी कर रहा है ISRO

<p style="text-align: justify;"><strong>केरल</strong><strong>:</strong> केरल को वैसे तो "गॉड्स ओन कंट्री" यानी भगवान का घर कहा जाता है लेकिन पिछले कई दिनों से भारी बारिश के चलते आई बाढ़ और भूस्खलन ने यहां हाहाकार मचाया हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून में अब तक यहां 42% अधिक बारिश हुई है. केरल में बाढ़ के कारण कईयों की जिंदगियां अस्त व्यस्त हो गई हैं. 400 से अधिक मौतें तो हजारों घर तबाह हो गए हैं. इस भयंकर त्रासदी से निपटने के लिए जहां हर कोई एक हो गया. थल सेना, नौ सेना, वायु सेना, कोस्ट गार्ड, एनडीआरएफ समेत राज्य की सभी टीमें यहां तक कि राज्य के मछुआरों ने भी लोगों को बचाने का जिम्मा उठाया है. इन सब की तस्वीरें भी आपने अपनी टीवी स्क्रीन पर खूब देखीं होंगी. लेकिन आज हम बात करेंगे उस खिलाड़ी की जिसने ना दिखते हुए भी बाढ़ के हालात में सबसे बड़ा काम किया. बहरहाल, मौजूदा हालात में  सेना मजबूती से निपट रही है. हर रोज विभिन्‍न तरीकों से लोगों को बाढ़ वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है. लेकिन इन सब के साथ ही हमारी स्पेस एजेंसी इसरो की. इसरो के पांच उपग्रह अंतरिक्ष से लगातार निगरानी रखे हुए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">अंतरिक्ष से धरती का निरीक्षण कर रहे ये उपग्रह ग्राउंड स्टेशन पर रीयल टाइम तस्वीरें भेजते रहे हैं. इससे बाढ़ के आकार-प्रकार और उसमें फंसे लोगों की सटीक जानकारी मिल पा रही है.</p> <p style="text-align: justify;">इसरो के एक टॉप सोर्स ने एबीपी न्यूज़ से फोन पर बातचीत कर ये जानकारी दी कि इन उपग्रहों में Oceansat-2, Resourcesat-2, Cartosat-2, Cartosat-2A, INSAT 3DR शामिल है. ये सैटेलाइट रियल टाइम तस्वीरें भेज कर बाढ़ से जुड़ा हुआ डेटा एकत्रित कर भेज रहे थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ओशनसैट-</strong><strong>2:</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि ओशनसैट 2 को 23 सितंबर 2009 को प्रक्षेपित किया गया था. इस उपग्रह की समय सीमा पांच वर्ष की है थी लेकिन बावजूद उसके यह सैटेलाइट यही काम कर रहा है और मौसम कि जानकारी के अलावा यह मछुआरों की भी मदद करता है. चक्रवात, हवा और दबाव के क्षेत्रों की जानकारी देता है. पानी के अंदर मौजूद ऑब्जेक्ट्स को भी यह सैटेलाइट आसानी से पहचान सकता है. इसके अलावा पानी में आए बदलाव की जानकारी भी देता रहा. पानी के रंग और पानी के अंदर मौजूद किसी भी तरह की वस्तु या बदलाव को भी मापता रहा. <strong> </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>रिसोर्ससैट-</strong><strong>2: </strong></p> <p style="text-align: justify;">रिसोर्ससैट-2 को 20 अप्रैल 2011 को प्रक्षेपित किया गया था. यह सैटेलाइट रिसोर्ससैट-1 का अपडेटेड उपग्रह था. इसे 'आई इन द स्काई' यानी आसमानी आंख भी कहा जाता है क्योंकि यह इमेजिंग उपग्रह है जो कि अंतरिक्ष से धरती की तस्वीरें ले सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कार्टोसैट -</strong><strong>2: </strong></p> <p style="text-align: justify;">इस उपग्रह को इसी वर्ष 12 जनवरी को पीएसएलवी सी 40 के जरिए प्रक्षेपित किया गया था. यह एक रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट है. यह भी तस्वीरें रिकॉर्ड कर भेजता है. इससे मिली जानकारी का उपयोग कई क्षेत्रों में किया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कार्टोसैट-</strong><strong>2A: </strong></p> <p style="text-align: justify;">यह उपग्रह रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट श्रंख्‍ला का ही है. यह धरती की सटीक इमेज उपलब्‍ध कराने में सक्षम है. यह उपग्रह है रिजॉल्यूशन कि तस्वीरें देता रहा जिससे मदद हो सकी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इनसैट </strong><strong>3DR: </strong></p> <p style="text-align: justify;">यह उपग्रह भारत का आधुनिक मौसमविज्ञान संबंधी उपग्रह है जिसमें इमेजिंग सिस्टम और वायु-मंडल-संबंधी घोषक है. यह उपग्रह मौसम से संबंधित और वायु मंडल में हो रहे बदलाव को भांप कर जानकारी मुहैया करा रहा था. इसे 8 सितंबर 2016 को प्रक्षेपित किया गया. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह रात में भी सटीक तस्‍वीरें ले सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे मिलती है जानकारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">ये सारे उपग्रह हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरें लेने में सक्षम है और समय रहते हर जानकारी देते रहे जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन आसान रहा साथ ही किस जगह कितना पानी और कैसी स्तिथि है इसकी जानकारी भी लगातार इसरो के इन सेटलाइट से मिलती रही. अंतरिक्ष से यह उपग्रह जानकारी इकट्ठा कर डेटा हैदराबाद के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के डिवीजन सपोर्ट सेंटर को भेजते हैं. जहां से यह जानकारी इसरो के डिसास्टर मैनेजमेंट सपोर्ट प्रोग्राम के तहत राज्य और केंद्र को भेजी जाती है. कुछ इस तरह आसमानी सीक्रेट हीरो ने बाढ़ के दौरान मदद की.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/india-news/rift-in-aam-aadmi-party-kumar-vishwas-attcks-delhi-cm-arvind-kejriwal-over-aap-leader-ashish-khetan-945653"><strong>कुमार विश्वास का केजरीवाल पर तंज, कहा- हम जिसे 'चंद्र गुप्त' बनाने निकले थे वो 'चंदा गुप्ता' बन गए</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/india-news/pm-narendra-modi-distribute-asthi-kalash-of-atal-bihari-vajpayee-to-all-the-state-presidents-945490"><strong>PM मोदी की मौजूदगी में प्रदेश बीजेपी अध्यक्षों को सौंपी गईं वाजपेयी की अस्थियां</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/india-news/protest-in-jammu-kashmir-waved-pakistani-or-isis-flag-on-eid-and-bakrid-police-killed-945548"><strong>बकरीद पर कश्मीर में हिंसा, ईदगाह के बाहर SPO की हत्या, लहराए गए ISIS के झंडे</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/india-news/reliance-defense-serves-notice-to-congress-leaders-party-says-bjp-using-anil-ambani-to-silence-our-voice-945628"><strong>राफेल डील मामला: रिलायंस ने कांग्रेस नेताओं को भेजा नोटिस, कांग्रेस बोली- बीजेपी अंबानी के कंधे पर रख कर बंदूक चला रही है</strong></a></p>

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केरल के बाढ़ की आसमान से निगरानी कर रहा है ISRO केरल के बाढ़ की आसमान से निगरानी कर रहा है ISRO Reviewed by Unknown on August 22, 2018 Rating: 5

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