<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव के लिए विपक्ष में दो दिन तक मंत्रनना के बाद बीके हरिप्रसाद को मैदान में उतारा है. बीके हरिप्रसाद कांग्रेस के सीनियर नेता हैं. कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद विपक्ष के साझा उम्मीदवार होंगे. विपक्ष की तरफ से इससे पहले कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन बात नहीं बनी. एनसीपी की नेता वंदना चव्हाण का नाम भी उछला लेकिन उनकी उम्मीदवारी पर मुहर नहीं लग पाई.</p> <p style="text-align: justify;">आज दोपहर 12 बजे तक नामांकन दाखिल करने का आखिरी वक्त है. याद रहे कि राज्यसभा के उपसभापति के लिए 9 अगस्त को वोटिंग होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं बीके हरिप्रसाद</strong> बीके हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को कर्नाटक में हुआ था. 1991 में शादी के बंधन में बंधे प्रसाद की एक बेटी है. उन्होंने अपनी पढ़ाई बेंगलुरु से पूरी की है. 1972 में वो कांग्रेस के सदस्य बने. 2006 में वो कांग्रेस के जेनरल सेकेरेट्री बने और अबतक इस पद पर बरकरार हैं.</p> <p style="text-align: justify;">साल 1990 में वो पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए और वर्तमान वो संसद के इस ऊपरी सदन के सदस्य हैं. वो कांग्रेस की कई अन्य समितियों और सेवा दल के प्रमुख पदों पर रहे हैं. वहीं वो कांग्रेस की सरकार के दौरान भी कई समितियों के प्रमुख पदों पर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रसाद ने जताया जीत का भरोसा</strong> प्रसाद ने अपनी उम्मीदवारी पर बोलते हुए कहा कि जीत का भरोसा है तभी तो चुनाव मैदान में उतरे हैं और उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की तरफ से मुकाबला कड़ा होगा और यही लोकतंत्र है. नवीन पटनायक और बीजेडी से संपर्क के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी से संपर्क करेंगे. साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि विपक्ष के अन्य नेता और हमारी पार्टी के नेता भी बात कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चुनाव टालने की हुई मांग</strong> गुरुवार को होने वाले राज्यसभा के उप सभापति पद के चुनाव को लेकर कुछ राजनीतिक पार्टियां नई मांग लेकर सामने आई हैं. बीएसपी, टीएमसी और टीडपी ने सदन के सभापति से कल होने वाले चुनाव को टालने की मांग की है. दक्षिण के दिग्गज नेता और डीएमके के मुखिया रहे एम करुणानिधि के मंगालवार को हुए निधन का हवाला देते हुए ये मांग रखी गई है. इन विपक्षी पार्टियों का कहना है कि संभव है कि डीएमके नेता के देहांत के कारण पार्टी के मेंबर इस चुनाव में हिस्सा ना लें और इसे देखते हुए उप सभापति चुनाव को टाल दिया जाए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>किस ओर जाएंगे पटनायक</strong> सूत्रों के मुताबिक शिवसेना ने एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश को समर्थन देने का मन बना लिया है. इस चुनाव में सबसे अहम कड़ी नवीन पटनायक की बीजेडी ने एनडीए उम्मीदवार के समर्थन देने की खबर है. बीजेडी के पास राज्यसभा में नौ सांसद हैं. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से हरिवंश का समर्थन करने की अपील की थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एनडीए-यूपीए दोनों के लिए चुनौती</strong> इस चुनाव में एनडीए और यूपीए के पास नंबर जुटा पाना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि दोनों ही पक्षों के पास जीत के लिए जरुरी आंकड़े नहीं है. ऐसे में राज्यसभा में 9 सीटों वाला बीजू जनता दल जीत हार के खेल में किंगमेकर की भूमिका निभा सकता है. बता दें कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुये उपसभापति पी जे कुरियन का कार्यकाल पिछले महीने यानी जुलाई में खत्म हो गया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है बहुमत का जादुई आंकड़ा?</strong> राज्यसभा में वर्तमान में 244 सांसद ही वोट करने की स्थिति में हैं. ऐसे में किसी भी दल को जीतने के लिए 123 सीटें मिलनी जरूरी हो जाती हैं. वर्तमान में राज्यसभा में एनडीए के पास 115 सीटें हैं, जिनमें सबसे ज्यादा बीजेपी के पास 73 सीटें हैं. वहीं यूपीए के पास 113 सीटें हैं. जिनमें कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 50 सीटें हैं. वहीं अन्य दलों के पास राज्यसभा में 16 सीटें हासिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा नौ सीटें बीजेडी के पास हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यूपीए को चाहिए बस 2 दलों का समर्थन</strong> इस स्थिति में अगर बीजेडी के 9 सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में अपना वोट डाला तो एनडीए के पास (115+9) 124 सीटें हो जाएंगी जो बहुमत से एक सीट ज्यादा होगी. वहीं अगर बीजेडी यूपीए को अपना समर्थन देती है तो यूपीए के पास (113+9) 122 सीटें हो जाएंगी. ऐसी स्थिति में यूपीए को बहुमत के लिए एक सीट की और जरूरत होगी. ऐसे में बीजेडी के समर्थन के अलावा यूपीए को किसी और दल से भी समर्थन की दरकार होगी</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वीडियो-</strong> मास्टर स्ट्रोक: पांच बार सीएम, 13 बार विधायक, 61 साल तक सियासत में सक्रिय रहे करुणानिधि का निधन</p> <code><iframe class="vidfyVideo" style="border: 0px;" src="https://ift.tt/2Ol5ao1" width="631" height="381" scrolling="no"></iframe></code>
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राज्यसभा उपसभापति चुनाव: पढ़ें, कौन हैं विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद
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August 08, 2018
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