कानपुर: बीसपी की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, कार्यकर्ताओं ने कहा- दलित समाज को जुमलेबाजों का वोट बैंक नहीं बनने देंगे

<p style="text-align: justify;"><strong>कानपुर</strong>: कानपुर के क्षेत्रीय कार्यालय में बहुजन समाज पार्टी की रविवार को एक अहम बैठक हुई. जिसमें मंडल के जोन इंचार्ज से लेकर छोटे-बड़े सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे. आने वाले लोकसभा चुनाव में जमीन तैयार करने के लिए रणनीति तैयार की गई. बैठक में फैसला किया गया कि बीजेपी और अन्य दल दलित समाज का उपयोग मात्र वोट बैंक के लिए करते हैं, लेकिन समाज के उत्थान के लिए कुछ काम नहीं किया है, इस स्थिति में अब बीएसपी दलितों को किसी को पार्टी का वोट बैंक नहीं बनने देगी. बीएसपी सुप्रीमो के निर्देशों को पार्टी कार्यकर्ताओं को इस बैठक में अवगत कराया गया.</p> <p style="text-align: justify;">एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि  2017 के विधानसभा चुनाव में यह कहा जा रहा था कि बहुजन समाज पार्टी लगभग ख़त्म हो चुकी है. पार्टी के पास एक भी बड़ा नेता नहीं बचा है, लेकिन लोक सभा चुनाव से पहले बीएसपी बीजेपी के बाद सबसे बड़ी पार्टी और मनोबल से लबरेज नजर आ रही है. प्रदेश के अंदर सभी विपक्षी दल बीएसपी पर नजर गढ़ाए बैठे हैं. इसका सारा श्रेय बीएसपी सुप्रीमो मायावती को जाता है, जिन्होंने आने वाले लोक सभा चुनाव को बहुत ही रोचक कर दिया है.</p> <p style="text-align: justify;">रविवार को हुई इस बैठक में मंडल जोन इंचार्ज नरेन्द्र कुशवाहा ने सभी 110 वार्डों के अध्यक्षों के कार्यो की समीक्षा की उन्होंने कहा कि हमें लोकसभा चुनाव में बीएसपी को मजबूत करने के लिए सभी वार्डों में 50 सक्रिय कार्यकर्तां बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी ने 1989 में जनता दल की सरकार को समर्थन देकर पिछड़े समाज के हितों को ध्यान में रखकर मंडल कमीशन लागू कराया था. भारतीय जनता पार्टी ने इसका विरोध किया वह नहीं चाहते थे कि पिछड़े समाज को संविधान के द्वारा प्राप्त अधिकार मिले, पिछड़ों के आरक्षण के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी रथ यात्रा लेकर निकल पड़े थे. वहीं जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बहन जी के निर्देश से वार्डों का गठन लगभग हो चुका है. प्रत्येक वार्ड में अध्यक्ष और सचिव नियुक्त किए जा चुके हैं और उनसे कहा गया है कि माननीय बहन जी की अब तक रही सरकारों में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के समाज के बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें. आपसी भाईचारा कायम करने का काम करें, साथ ही साथ प्रत्येक वार्ड में 50 सदस्य बनाने का भी काम करें. तभी इस देश में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन जी को हम प्रधानमंत्री बना सकते हैं.</p>

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कानपुर: बीसपी की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, कार्यकर्ताओं ने कहा- दलित समाज को जुमलेबाजों का वोट बैंक नहीं बनने देंगे कानपुर: बीसपी की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, कार्यकर्ताओं ने कहा- दलित समाज को जुमलेबाजों का वोट बैंक नहीं बनने देंगे Reviewed by Unknown on July 30, 2018 Rating: 5

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