बरेली: डॉक्टर बने हैवान, इलाज के अभाव में टूट गई मासूम के सांसों की डोर

<p style="text-align: justify;"><strong>बरेली</strong>: योगी राज में भी स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है.बरेली में मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है जहां जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एक गरीब और लाचार पिता से दस हजार रुपए मांगे और जब वो पैसे नहीं दे सका तो उसके दस साल के बच्चे का इलाज नहीं किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/uttar-pradesh/apna-dal-mla-rk-verma-targets-anupriya-patel-907526">मंत्री अनुप्रिया पटेल के खिलाफ उनके ही विधायक ने की बगावत, कहा- जो मां की सगी नहीं हुई, वह दूसरों की कैसे हो सकती है</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>10 हजार रुपए के नाते तड़प-तड़प कर मर गया मासूम</strong></p> <p style="text-align: justify;">जिला अस्पताल में पहुंचे धर्मपाल ने बताया की उसके पास इतने रुपए नहीं थे की वो प्राइवेट अस्पताल में अपने दस साल के बेटे का इलाज करवा सके. जिस वजह से बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र गांव बाला किशनपुर का धर्मपाल तेज बुखार से तड़प रहे अपने बेटे को सबसे पहले बदायूं के जिला अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने हालत ज्यादा सीरियस होने पर बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया. धर्मपाल का आरोप है की बरेली जिला अस्पताल पहुंचने पर उनके साथ डॉक्टरों ने बदसलूकी की और डॉक्टर ने दस हजार और नर्स ने इलाज करने के लिए पांच सौ रुपए मांगे. 10 साल के मासूम दीनदयाल की हालत ज्यादा खराब होने की वजह से उसे लखनऊ रेफर किया गया. लेकिन जिला अस्पताल बरेली में समय से एम्बुलेंस नहीं पहुंची. एम्बुलेंस करीब पांच घंटे देरी से पहुंची जिस वजह से मासूम दीनदायल की तड़प तड़प कर मौत हो गई. बेटे की मौत से पिता बिलकुल टूट गया.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/uttar-pradesh/bjp-fully-prepared-for-2019-elections-pm-narendra-modis-breakthrough-rallies-in-uttar-pradesh-907469">यूपी में पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की नींव रखने के साथ कर सकते हैं कई बड़े एलान</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीएम योगी से शिकायत करने पंहुचा पीड़ित पिता</strong></p> <p style="text-align: justify;">इलाज में लापरवाही से हुई बच्चे की मौत के बाद बच्चे का शव अस्पताल में छोड़कर धरमपल सिधजी रात में ही सीएम से शिकायत करने लखनऊ चला गया. लेकिन लखनऊ में सीएम योगी से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी. जिसके बाद वो बरेली लौटा और पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://abpnews.abplive.in/uttar-pradesh/rivolver-bullets-found-in-mans-bag-at-gorakhpur-airport-907479">गोरखपुरः युवक के लिए परेशानी का सबब बन गई बेटे की एक गलती, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पुलिस के हवाले किया</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज</strong></p> <p style="text-align: justify;">4/5 की रात को बदायूं जिला अस्पताल से दस साल के मासूम दीनदयाल को रेफर जिया जाता है. रात 12 बजकर 5 मिनट पर धर्मपाल अपने बेटे को लेकर बरेली के जिला अस्पताल पहुँचता है लेकिन वहां पर बच्चे की हालत सीरियस होने के बावजूद डॉक्टर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतते हैं और पैसे की मांग करते है जिस वजह से महज ढाई घंटे में ही रात 2 बजकर 35 मिनट पर दीनदयाल की मौत हो जाती है. इस मामले में एसपी सिटी अभिनन्दन सिंह का कहना है की बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है. धर्मपाल की तहरीर पर जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उनका कहना है की जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.</p>

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बरेली: डॉक्टर बने हैवान, इलाज के अभाव में टूट गई मासूम के सांसों की डोर बरेली: डॉक्टर बने हैवान, इलाज के अभाव में टूट गई मासूम के सांसों की डोर Reviewed by Unknown on July 08, 2018 Rating: 5

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