<p style="text-align: justify;">आज विश्व रंगमंच दिवस है यानी 'वर्ल्ड थिएटर डे'. याद आ रहा है फ़िल्म आनंद का वह सदाबहार संवाद- 'बाबू मोशाय, हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिसकी डोर ऊपर वाले के हाथ में है. कौन कब कहां उठेगा, कोई नहीं जानता...’ लेकिन इस संवाद को
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BLOG: Happy World Theatre Day- आबाद रहे नाटकों की दुनिया!
Reviewed by Unknown
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March 27, 2019
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