<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> आज यानी 20 सितंबर 2018 को GrabOn अपनी 5वीं वर्षगांठ मना रहा है. GrabOn 5 साल पहले शुरू हुई थी जो कूपन और डील्स के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुकी है. हैदराबाद में स्थित ये कंपनी सिर्फ 2 साल में मार्केट लीडर बन गई थी और तबसे लेकर अब तक ये अपने नंबर वन की पोजीशन को कायम रखे हुए है.</p> <p style="text-align: justify;">पिछले 3 सालों में GrabOn ने कूपन्स के मार्केट में लगभग 35 फीसदी बाजार पर कब्जा कर लिया है और इस स्टार्टअप के जरिए भारतीयों ने ऑनलाइन शॉपिंग पर करीब 1000 करोड़ रुपये की बचत की है. 5 लोगों की टीम के साथ शुरुआत करके सिर्फ 15 महीने में इस कंपनी ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था. दूसरी कूपन लिस्टिंग प्लेटफॉर्म कंपनियों की बजाए <a href="https://www.grabon.in/" target="_blank" rel="noopener noreferrer"><strong>GrabOn</strong></a> ने यूजर एक्सपीरिएंस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जिसके चलते ये कंपनी दूसरी कूपन लिस्टिंग कंपनियों से अलग साबित हुई और ये इनकी बिक्री की सबसे अहम खासियतों में से एक है.</p> <p style="text-align: justify;">कंपनी अपनी फ्लेक्सीबिलिटी, इनोवेशन और तेज गति से बढ़ने की खासियत के चलते भी लगातार सबसे आगे बनी हुई है. जब तकनीक के मोर्चे की बात आती है तो GrabOn ने एक नया फीचर निकाला जिसके तहत कूपन इंडस्ट्री में सबसे पहले नोटिफिेकेशन भेजने की शुरुआत GrabOn ने की. इसके जरिए यूजर्स को लेटेस्ट ऑफर्स, बेहतरीन डील्स और आने वाले सेल इंवेट्स की जानकारी सबसे पहले मिल जाती है.</p> <p style="text-align: justify;">हाल ही में स्टेटिस्टा के साथ मिलकर फाइनेंशियल टाइम्स ने एक सर्वे कराया था जिसमें GrabOn ने <a href="https://ift.tt/2En1z8s" target="_blank" rel="noopener noreferrer"><strong>एशिया पैसिफिक रीजन में हाई-ग्रोथ कंपनीज की सूची में 266वां स्थान हासिल</strong> </a>किया था. ये भारत की तरफ से कूपन्स और डील्स कंपनियों में से शामिल होने वाली एकमात्र कंपनी थी.</p> <p style="text-align: justify;">GrabOn के आगे बढ़ने के पीछे भारतीयों को ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त पैसा बचाने का पूरा मौका देने की सोच और इच्छा सबसे बड़ा कारण रहा है. GrabOn के लिए यूजर्स की तरफ से आया फीडबैक कंपनी के रोजाना के ऑपरेशनल काम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. कंपनी लगातार कोशिश करती रहती है कि उसके इंटरफेस को सुचारू और बिना किसी दिक्कत के चलाया जाए जिससे यूजर्स को बेहतरीन और सबसे अच्छा अनुभव मिल सके.</p> <p style="text-align: justify;">GrabOn के संस्थापक और सीईओ अशोक रेड्डी का कहना है कि यूजर सेटिसफेक्शन कंपनी के लिए सबसे अहम है. 4000 पॉपुलर ब्रांड्स और टॉप प्लेयर्स के साथ रणनीतिक एलाइंस और पार्टनरशिप के जरिए GrabOn ने बैंकिंग से लेकर टेलीकॉम, एविएशन से लेकर एंटरटेनमेंट तक के अलावा और भी बहुत सारे वर्टिकल्स के लिए ऑफर्स मुहैया कराए हैं जिससे यूजर्स को मार्केट में उपलब्ध ऑफर्स में से बेस्ट ऑफर्स मिल सकें.</p> <p style="text-align: justify;">हाल ही में GrabOn ने <a href="https://ift.tt/2NZEqwy" target="_blank" rel="noopener noreferrer"><strong>गिफ्ट कार्ड</strong></a> मार्केट में एंट्री ले ली है जिसके जरिए सभी गिफ्टिंग की जरूरतों के सारे काम एक ही जगह हो जाएं, ऐसी सुविधा दी गई है. कंपनी का लक्ष्य है कि यूजर्स को सर्वश्रेष्ठ गिफ्टिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराए जाएं. इसके लिए यूजर्स के बिहेवियर पैटर्न्स का अध्ययन किया गया और 5 सालों में कूपन इंडस्ट्री से जो एक्सपीरिएंस हासिल हुआ है उसका इस्तेमाल किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">GrabOn को साल 2020 तक गिफ्ट कार्ड्स सेगमेंट में 40 फीसदी बाजार पर कब्जा हासिल करने की उम्मीद है और जैसी शानदार सफलता उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग और बचत के सेगमेंट में मिली है उसे गिफ्टिंग कार्ड्स के सेगमेंट में भी दोहराने की इच्छा कंपनी रखती है. आने वाला त्योहारी सीजन खासतौर पर कंपनी के इस प्रोजेक्ट को टेस्ट करने के लिए एकदम सही समय होगा जिसके जरिए कंपनी को एक नई दिशा मिलेगी.</p>
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GrabOn के 5 सालः बाहरी फंडिंग के बिना एक स्टार्टअप के टॉप पर पहुंचने की शानदार कहानी
Reviewed by Unknown
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September 20, 2018
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